NHAI की टोल छूट नीति: देर आयद, दुरुस्त आयद? कंसेशनेयरों के लिए एक 'ढाल', लेकिन सवाल बाकी
नमस्कार, @PublicPowerTalk के पाठकों! आज हम बात कर रहे हैं NHAI की हालिया पॉलिसी सर्कुलर (No. 17.7.13/2026, 9 फरवरी 2026) की, जो मदुरई हाईकोर्ट के फैसले और MoRTH के निर्देशों पर आधारित है। यह नीति राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 (NH Fee Rules) के सख्त अनुपालन पर जोर देती है, खासकर "शॉर्ट स्ट्रेच" (कम दूरी) के आधार पर छूट को पूरी तरह बंद कर। काप्पलुर टोल प्लाजा (NH-44, मदुरई) का केस इसकी जड़ है, जहां Jayakrishna Flour Mill ने छूट मांगी थी। लेकिन क्या यह नीति समय पर आई? 1. नीति के फायदे: टोल कलेक्शन एजेंसी/कंसेशनेयर के नजरिए से यह नीति कंसेशनेयरों (जैसे Raima Toll Road Pvt Ltd या Madurai Kanyakumari Tollway Ltd) के लिए एक बड़ा सपोर्ट है, क्योंकि अब वे बिना डर के पूरा टोल वसूल सकते हैं। मुख्य फायदे: राजस्व सुरक्षा: पहले स्थानीय दबाव (जैसे काप्पलुर में मिल के ट्रकों को छूट) से लाखों-करोड़ों का नुकसान होता था। अब "शॉर्ट स्ट्रेच" पर कोई छूट नहीं – हर वाहन से 100% वसूली। उदाहरण: अगर एक प्लाजा पर 20% वाहनों को जबरन छूट मिलती थी, तो अब राजस्व में 20-30% बढ़ोतरी संभव...