वोट चोर - गद्दी छोड़!!
4 जनवरी 2026 डोनाल्ड ट्रम्प ने कभी "वोट चोर- गद्दी छोड़!!" का नारा नहीं लगाया। अमेरिका ने अपने हित साधे हैं – मुख्य रूप से तेल के। लेकिन ट्रम्प को यह हिम्मत मादुरो की अवैध सत्ता से भी मिली है। सोशल मीडिया पर वेनेजुएला के घटनाक्रम में मादुरो के लिए सहानुभूति की बाढ़ आई हुई है। किसी देश के राष्ट्रपति का "अपहरण" करके अमेरिका ले जाना खुली गुंडागर्दी है – निंदनीय। लेकिन सच यह भी है कि निकोलस मादुरो खुद एक वोट चोर और धांधली से सत्ता पर काबिज हैं। वे चुनाव रिगिंग और संस्थानों पर कब्जे के साथ विपक्ष को कुचलने के दोषी हैं। इसे समझने के लिए पिछले 20 साल का इतिहास देखना होगा। ह्यूगो शावेज का दौर: पारदर्शी चुनाव वेनेजुएला में ह्यूगो शावेज राष्ट्रपति थे। वे तानाशाह जैसे थे, लेकिन बेहद लोकप्रिय। तेल की कमाई से देश विकसित किया और अमेरिका को चुनौती दी। शावेज चुनाव सच में जीतते थे – बहुमत से। धांधली के आरोप न लगें, इसलिए पूरी पारदर्शी व्यवस्था रखी: वोटर आईडी दिखाकर ईवीएम पर वोट। वोट पर्ची निकलती, जिसे चेक कर बॉक्स में डालते। वोटिंग के बाद बूथ पर ही मशीन के नतीजे घोषित। ...