अपने विचार स्पष्ट रूप से व्यक्त करने की कला: क्यों अच्छे आइडिया भी कभी-कभी सुने नहीं जाते?
क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आपके मन में बहुत अच्छा आइडिया था, लेकिन जब उसे लोगों के सामने बताने की बारी आई तो आप उसे ठीक से समझा नहीं पाए? या फिर किसी मीटिंग, चर्चा या बातचीत के बाद आपको लगा हो कि, " जो बात मैं कहना चाहता था, वो सही तरीके से कह नहीं पाया।" अगर ऐसा हुआ है तो चिंता की बात नहीं है। ऐसा बहुत लोगों के साथ होता है। कई बार समस्या यह नहीं होती कि हमारे पास अच्छे विचार नहीं हैं, बल्कि समस्या यह होती है कि हम उन विचारों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचा नहीं पाते। सच तो यह है कि दुनिया में बहुत से अच्छे आइडिया केवल इसलिए अनदेखे रह जाते हैं क्योंकि उन्हें सही ढंग से पेश नहीं किया जाता। सिर्फ अच्छा आइडिया होना काफी नहीं है मान लीजिए दो लोगों के पास एक जैसा सुझाव है। पहला व्यक्ति कहता है: "मुझे लगता है कि इसमें कुछ बदलाव होना चाहिए। शायद इससे फायदा होगा।" दूसरा व्यक्ति कहता है: "मुझे लगता है कि हमें तीन बदलाव करने चाहिए। पहला, काम करने का तरीका थोड़ा आसान बनाना। दूसरा, समय बचाने के लिए जरूरी कामों को पहले करना। तीसरा, हर हफ्ते प्रगति की समीक्ष...